नवलगढ़ (Nawalgarh) भारत के राजस्थान राज्य के शेखावाटी क्षेत्र के झुंझुनू ज़िले में स्थित एक शहर है।
राजस्थान के मानचित्र में नवलगढ़ की राजस्थान में स्थिति...
निर्देशांक: 27°50′46″N 75°16′05″E / 27.846°N 75.268°E
झुंझुनू ज़िला
जनसंख्या (2011)
•कुल - 63,948
भाषा
हिंदी और मारवाड़ी
समय मण्डल
भारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)
भूगोल
यह 15 किमी मुकुंदगढ़ के दक्षिण में और 10 डुण्डलोद से दूर पड़ता है। नवलगढ के सीमावर्ती गाँव उत्तर में मोहब्बतसर, चेलासी, चेलासी ढ़हर, नवलड़ी, पूर्व में सैनीनगर, बिरोल, दक्षिण में झाझड़, बेरी और पश्चिम में बिडो़दी बड़ी है। कस्बा उत्तर में डुण्डलोद है। नवलगढ़ एक रेलवे-स्टेशन भी है।
इतिहास (History)
ठाकुर नवल सिंह जी बहादुर (शेखावत) ने 1737 ई. में नवलगढ़ की स्थापना की थी। मारवाड़ी समुदाय के कई महान व्यापारिक परिवार नवलगढ़ मूल के हैं। नवलगढ़ उच्च दीवारों (परकोटा) और अलग अलग दिशाओं में चार परास्नातक (फाटकों), अगूना दरवाजा, बावड़ी दरवाजा (उत्तर में), मंडी दरवाजा और नानसा दरवाजा से मिलकर सुसज्जित घेरे में सुरक्षित किया गया था।
परिवहन (Transportation)
नवलगढ़ शहर सीकर एवं झुंझनू (ज़िला मुख्यालय) से लगभग समान दूरी पर स्थित है। यह झुंझुनू से क़रीब 39 किलोमीटर दूर है, जबकि सीकर से मात्र 30 किलोमीटर। जयपुर, दिल्ली, अजमेर, कोटा और बीकानेर से यह सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है। जयपुर यहां से क़रीब 160 किलोमीटर है, जबकि राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली, क़रीब 225 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जयपुर-लोहारू मार्ग पर स्थित नवलगढ़ ब्रॉडगेज रेल लाइन से जुड़ा हुआ है। हेरिटेज ऑन व्हील्स, यह एक लक्ज़री टूरिस्ट ट्रेन है, जो नवलगढ़ और शेखावाटी को क़रीब से देखने का अवसर प्रदान करती है।
पर्यटन (Tourist)
नवलगढ़ का किला, रूप निवास पैलेस, शीशमहल, पोद्दार कॉलेज टावर, लक्ष्मी नृसिंह मंदिर, डॉ रामनाथ पोदार म्यूजियम और गोपीनाथ जी मंदिर दर्शनीय आकर्षण हैं।
हवेलियाँ (Havelis)
शेखावाटी के राजपूत किलों एवं हवेलियों में बनी सुंदर फ्रेस्को पेंटिंग्स दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। इसी के चलते शेखावाटी अंचल को राजस्थान के ओपन आर्ट गैलरी की संज्ञा दी जाती है। 1830 से 1930 के दौरान व्यापारियों ने अपनी सफलता और समृद्धि को प्रमाणित करने के उद्देश्य से सुंदर एवं आकर्षक चित्रों से युक्त हवेलियों का निर्माण कराया। इनमें भगतों की हवेली, छोटी हवेली, परशुरामपुरिया हवेली, छाउछरिया हवेली, सेकसरिया, मोरारका की हवेली एवं पोद्दार हवेली आदि प्रमुख हैं। हवेलियों के रंग शानों-शौकत के प्रतीक बने। समय गुजरा तो परंपरा बन गए और अब तो विरासत का रूप धारण कर चुके हैं। कलाकारों की कल्पना जितना उड़ान भर सकती थी, वह सब इन हवेलियों की दीवारों पर आज देखने को मिल जाता है।
होटल एवं गेस्ट हाऊस (Hotel & Guest House)
नवलगढ़ में ठहरने के लिए शानदार होटल एवं गेस्ट हाऊस उपलब्ध हैं। इनमें रूपनिवास पैलेस, आपणी होटल, होटल आपणी ढाणी, होटल सिटी पैलेस, ग्रांड हवेली होटल, कूलवाल कोठी, नवल होटल, तीज होटल आदि प्रमुख हैं।
शिक्षा (Education)
शेखावाटी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। पिलानी, लक्ष्मणगढ़ और नवलगढ़ ने शैक्षिक परिदृश्य को संवारने का काम किया है। राजस्थान के सबसे पहले महाविद्यालय सेठ ज्ञानीराम बंसीधर पोदार महाविद्यालय, नवलगढ़ की स्थापना यहां 1921 में हुई थी। स्वयं महात्मा गांधी जी इस कॉलेज के ट्रस्टी थे। नवलगढ़ में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल के अलावा पॉलीटेक्निक एवं डुण्डलोद इंजीनियरिंग कॉलेज भी है।
साथ ही यहाँ राधेश्याम मोरारका जी के नाम से सरकारी कॉलेज भी है
धर्म और समारोह (Religion and Ceremony)
सभी प्रमुख हिंदू और मुस्लिम त्योहारों को मनाते हैं। प्रमुख हिंदू त्यौहारों में से कुछ हैं : होली, दीपावली, मकर संक्रांति, रक्षाबंधन, सावन, तीज और गौगा, सहकर्मी, गणगौर आदि।