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बड़े भाई की प्रेरणा, अदम्य हौसला और तिरंगे का सपना — अब उपकप्तान बनकर करेंगी टीम इंडिया का नेतृत्व

झाझड की बेटी लक्ष्मी शेखावत दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर, 6 से 15 अगस्त तक हांगकांग में होने वाली एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप में दिखाएंगी दम

झाझड़ गाँव की होनहार बेटी लक्ष्मी शेखावत, पुत्री वीरेंद्र सिंह शेखावत, सेवानिवृत्त सैनिक एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाने जा रही हैं। 6 अगस्त 2026 से 15 अगस्त 2026 तक हांगकांग में आयोजित होने वाली एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप में वह राजस्थान से चयनित एकमात्र खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस बार उन्हें टीम इंडिया का उपकप्तान (Vice Captain) भी नियुक्त किया गया है।

लक्ष्मी इससे पहले भी भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनके शानदार प्रदर्शन, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें भारतीय टीम की उपकप्तानी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

लक्ष्मी की इस सफलता के पीछे उनके बड़े भाई एवं उप जिला शिक्षा अधिकारी स्वराज सिंह की प्रेरणा और मार्गदर्शन का विशेष योगदान रहा है। बचपन से उन्होंने लक्ष्मी को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया और हर चुनौती का साहस के साथ सामना करने की सीख दी।

स्कूल समय में हुए एक सड़क हादसे में रीढ़ की हड्डी (L1–L2) में गंभीर फ्रैक्चर होने के बावजूद लक्ष्मी ने हार नहीं मानी। कठिन उपचार और लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और आज टीम इंडिया की उपकप्तान बनकर देश का नेतृत्व करने जा रही हैं।

लक्ष्मी शेखावत की यह उपलब्धि पूरे झाझड गाँव, शेखावत परिवार, राजस्थान और देश के लिए गर्व का विषय है। सभी को विश्वास है कि वह 6 से 15 अगस्त तक होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत के तिरंगे की शान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगी।

“संघर्ष से सफलता तक का सफर ही असली पहचान बनाता है। लक्ष्मी शेखावत आज हर बेटी और हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है।”

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