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गुरु पूर्णिमा पर गुरु-शिष्य परंपरा को किया नमन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा डुण्डलोद गर्ल्स स्कूल बलवंतपुरा

बलवंतपुरा। डुण्डलोद गर्ल्स स्कूल बलवंतपुरा में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, आस्था एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। पूरे विद्यालय परिसर में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना के साथ हुआ। मंच संचालन छात्रा अविहा तोमर ने प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर छात्राओं ने रंगारंग नृत्य, प्रेरणादायी नाट्य प्रस्तुतियां एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित जनों की खूब सराहना बटोरी।छात्रा किंजल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि वे जीवन के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। उनके ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा से ही एक सफल एवं सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण होता है।

विद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेखा यादव ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो हमें अपने गुरुओं के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश देता है। उन्होंने छात्राओं से गुरुजनों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। संस्था सचिव बी.एल. रणवां ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में गुरु का स्थान सर्वोच्च होता है। गुरु ही व्यक्ति के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों के समर्पण एवं योगदान की सराहना करते हुए छात्राओं से सदैव अपने गुरुजनों का सम्मान करने तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। गुरु पूर्णिमा के इस आयोजन ने छात्राओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व से जोड़ने का सार्थक संदेश दिया।