नवलगढ़ न्यूज (विकास कुमावत) - कोई मां जीण भवानी के जयकारे लगा रहा था तो कोई डीजे की धुन पर नाच रहा था। मौका था यूनाईटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के तत्वावधान में कस्बे में बाबा रामदेव के मंदिर के पास जीणमाता की कथा के शुभारंभ पर गुरुवार को निकली भव्य कलशयात्रा का। कलशयात्रा में हर कोई जीण माता की भक्ति में रंगा हुआ नजर आया। कस्बे के नयाबाजार स्थित घेर का मंदिर से जीणमाता की पालकी के साथ शुरू हुई कलशयात्रा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। ना सिर्फ नवलगढ़ बल्कि आस-पास के गांवों से भी हजारों की संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने कलशयात्रा में भाग लिया। कलशयात्रा शहर के पोदार गेट, मुख्य बाजार, नानसागेट हुए कथा स्थल पहुंची। यहां पर विश्व प्रसिद्ध करणी कथावाचक महंत डॉ. करणी प्रताप महाराज ने मां जीण की ज्योत ली। सभी भक्तों ने ज्योत के दर्शन किए। इसके बाद आरती की गई। आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को रसगुल्ले का प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर कथा का महत्व बताते हुए कथावाचक डॉ. करणी प्रताप महाराज ने कहा कि जीणमाता के आशीर्वाद से नवलगढ़ में बहुत ही शानदार व एतिहासिक कलशयात्रा निकली है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी में जीण माता के प्रति विशेष आस्था है। हम सभी पीढिय़ों से मां जीण की पूजा अर्चना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से आठ हजार साल पहले दुर्गा सप्तशती की रचना हुई। इसमें जीण भवानी का पर्चा लिखा हुआ है। माताजी का अवतरण तो हजार साल पहले हुआ था। आठ हजार साल पहले माताजी की कथा मार्कण्डे ऋषि ने जीण माता की महिमा ग्रंथ में लिखी है। उन्होंने कहा कि जीणमाता की कथा श्रवण से जीवन के रोग, बाधाएं नष्ट हो जाते हैं। घर में सुख और वैभव की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि जीण भवानी का प्रकटन कैसे हुआ, मां ने अवतार कैसे लिया, आज भी माताजी कैसे निरन्तर भक्तों पर कृपा कर रही है ये इस कथा का लक्ष्य है। इसलिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण करें। 20 अगस्त तक आयोजित होने वाली कथा प्रतिदिन दोपहर दो बजे से शुरू होगी।
पुष्प वर्षा से जगह-जगह किया स्वागत
कलशयात्रा का नवलगढ़ शहर में जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। वहीं श्रद्धालुओं के लिए मुख्य बाजार में ठण्डे पेयजल की व्यवस्था की गई। कथावाचक ने बताया कि 15 अगस्त को जीणमाता का मंगल जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कथा के दौरान हर दिन विशेष उत्सव होंगे।
