डूंडलोद। पड़ोसी एवं मित्र राष्ट्र नेपाल में आई भीषण बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक संकट के चलते हजारों परिवार भोजन, चिकित्सा, आश्रय एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए डूंडलोद ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सचिव एवं ग्लोबल एंबेसडर बी. एल. रणवा ने नेपाल के आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए ₹51,000 की सहयोग राशि का चेक प्रदान किया।
यह चेक अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच के संयोजक डॉ. कुलदीप शर्मा को सौंपा गया, ताकि यह सहायता नेपाल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा सके।
इस अवसर पर बी. एल. रणवा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा किसी एक देश या समाज की समस्या नहीं होती, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए एक चुनौती होती है। संकट की घड़ी में जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी है।
बी. एल. रणवा ने प्रेरणादायी संदेश देते हुए कहा कि मुसीबत की घड़ी में किसी के काम आ जाना ही इंसान होने की सबसे बड़ी पहचान है। नेपाल आज प्राकृतिक आपदा की पीड़ा से गुजर रहा है। ऐसे समय में हमें सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता के लिए आगे आना चाहिए। हमारी छोटी-सी सहायता भी किसी पीड़ित परिवार के लिए बड़ी उम्मीद बन सकती है। आइए, हम सभी मिलकर पीड़ितों के साथ खड़े हों और उन्हें यह विश्वास दिलाएं कि संकट की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म और सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी अपील की कि वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आएं।
डूंडलोद ग्रुप ऑफ स्कूल्स की इस पहल ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज में मानवीय संवेदनाओं, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम भी है।