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जीण माता की कृपा से मन में शांति और आनंद का होता है उद्भव


नवलगढ़ न्यूज (विकास कुमावत) - यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के तत्वावधान में बाबा रामदेव मंदिर के पास चल रही जीणमाता की कथा के चतुर्थ दिवस सोमवार को भक्तिमय वातावरण में कथा का आयोजन हुआ। 


कथावाचक महंत डॉ. करणीप्रताप महाराज ने नवधा भक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि भक्ति किसी पद, प्रतिष्ठा, धन, डिग्री या सम्मान की मोहताज नहीं है। भक्ति एक गूढ़ और गहन विषय है, जिसे श्रद्धा और समर्पण से ही अनुभव किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने नवधा भक्ति का वर्णन किया है। इसमें संतों और भक्तों का संग, भगवान की कथा का श्रवण, गुरु चरणों की सेवा, मन से कपट का त्याग और भगवान की भक्ति, मंत्र जाप, मन के दोषों का त्याग, सज्जनों की तरह आचरण, दूसरों के दोष व परनिंदा से बचना तथा छल-कपट रहित जीवन शामिल है।

महंत ने कहा कि यदि घर में रोग, दरिद्रता, गरीबी, अशांति और चिंता का वातावरण हो तो श्रद्धा व दृढ़ विश्वास के साथ मंत्र जाप करना चाहिए। देवी साधना में मंत्रों का विशेष प्रभाव माना गया है। जीवन में बार-बार बाधाएं आती हों तो देवी के मंत्र का जाप करने से मन को संबल और शांति मिलती है।

उन्होंने कहा कि घांघू के महाराज गंगोसिंह चौहान में नवधा भक्ति के सभी स्वरूप दिखाई देते हैं। इसी भक्ति के प्रताप से जीण भवानी उनके आंगन में पधारी हैं। उन्होंने हर्षनाथ और जीवण माई के प्रेम को भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का अद्भुत उदाहरण बताते हुए कहा कि जिस घर में भाई-बहन के बीच प्रेम और स्नेह होता है, वह घर साक्षात जीण भवानी और हर्षनाथ का मंदिर बन जाता है।


मां की कृपा से मिलता है मन को सुकून

कथावाचक ने कहा कि जीण माता की कृपा पड़ते ही मन में शांति और आनंद का उद्भव होता है। माता के दरबार में पहुंचते ही मन को सुकून मिलता है और निराशा के समय आशा का संचार होता है। विकट से विकट संकट में भी जीण भवानी भक्तों का मार्गदर्शन करती हैं और उन्हें संकट से बाहर निकलने का रास्ता दिखाती हैं। उन्होंने माताओं और बहनों से आह्वान किया कि वे आने वाली पीढ़ियों को संस्कार देने की जिम्मेदारी निभाएं।

श्रद्धालुओं ने की जीण माता की आरती

चतुर्थ दिवस की कथा के शुभारंभ पर पंचायत समिति प्रधान दिनेश सुण्डा, नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष कैलाश चोटिया, जयपाल सिंह शेखावत, सुमन कंवर और अन्नू महर्षि ने मां जीण की आरती की। कथावाचक महंत डॉ. करणीप्रताप महाराज ने मां जीण का दुपट्टा पहनाकर दिनेश सुण्डा, कैलाश चोटिया, जयपाल सिंह शेखावत और अन्नू महर्षि का स्वागत-सम्मान किया।
कथा के समापन अवसर पर सीकर निवासी सोनू सैनी और उनकी पुत्री ने चांदी के सिक्कों से मां जीण की पूजा-अर्चना की।

मंगलवार को मनाया जाएगा हर्षनाथ का विवाह उत्सव

कथावाचक महंत डॉ. करणीप्रताप महाराज ने बताया कि मंगलवार को कथा में जीण भवानी के बड़े भाई हर्षनाथ का विवाह उत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी माता-बहनों को माताजी की मेहंदी वितरित की जाएगी। सोनू सैनी की ओर से श्रद्धालुओं को फ्रूटी तथा चेतना सोनी की ओर से गुलाब जामुन का प्रसाद वितरित किया जाएगा।