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लोहार्गल में संत हत्याकांड का पुलिस ने पांच दिन में किया खुलासा, लूट के इरादे से बरखंडी धाम पहुंचा था आरोपी सुरेश कुमार

नवलगढ़ न्यूज (लोकेश सैनी) — लोहार्गल में संत हत्याकांड का पुलिस ने पांच दिन में किया खुलासा
— लूट के इरादे से बरखंडी धाम पहुंचा था आरोपी सुरेश कुमार
— संत सूरजदास को बाथरूम में बंद कर बनाया था लूट का प्लान
— बाहर निकलते ही विरोध करने पर संत को खाई में धकेला
— हत्या के बाद भी संतों की बैठक में शामिल रहा आरोपी
— ग्रामीणों के साथ घूमता रहा, किसी को नहीं हुआ आरोपी पर शक
— नवलगढ़ डीएसपी सुगन सिंह के नेतृत्व में 30 पुलिसकर्मियों ने खोला राज
— पुलिस ने झाझम की ढाणी निवासी सुरेश कुमार को किया गिरफ्तार
— एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने किया मामले का खुलासा

नवलगढ़ के गोठड़ा थाना इलाके के लोहार्गल धाम के बरखंडी बाबा मंदिर में संत सूरजदास जी महाराज की हत्या और लूट के मामले का गोठड़ा थाना पुलिस ने महज पांच दिन में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात के आरोप में 44 वर्षीय सुरेश कुमार पुत्र ग्यारसीलाल निवासी झाझम की ढाणी तन पहाड़ीला थाना गोठड़ा को गिरफ्तार किया है। एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने लूट के इरादे से पूरी वारदात की साजिश रची थी। उसने पहले बरखंडी धाम की स्थिति को वारदात से दो दिन पहले ही समझा और फिर 25 सितंबर की रात दोबारा पहाड़ी पर पहुंचकर संत सूरजदास जी महाराज के पास ही रुक गया। अगले दिन सुबह मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार 26 सितंबर की सुबह संत सूरजदास जी महाराज स्नान करने के लिए बाथरूम में गए। इसी दौरान आरोपी ने बाहर से बाथरूम की कुंडी लगा दी। संत ने कुंडी तोड़कर बाहर निकलने के बाद आरोपी को तलाशना शुरू किया। बताया गया है कि संत द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपी ने कथित तौर पर पीछे से उन्हें धक्का दे दिया। संत पहाड़ी की गहरी खाई में जा गिरे। जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने मंदिर परिसर में रखी चढ़ावे की रकम पर हाथ साफ किया। आरोपी ने रकम निकाल ली। इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि वारदात के बाद आरोपी ने खुद को लोगों से अलग नहीं किया। संत की हत्या के बाद जब खाकी मंदिर में संतों की बैठक हुई। तब आरोपी भी वहां मौजूद था। वह संतों के बीच बैठा और बाद में ग्रामीणों के साथ भी घूमता रहा। यानी जिस वारदात को लेकर संत समाज और ग्रामीणों में आक्रोश था। उसी घटना के बाद आरोपी भीड़ का हिस्सा बनकर घूमता रहा। आपको बता दें कि 27 सितंबर को परिवादी शंकरलाल ने गोठड़ा थाने में रिपोर्ट दी थी कि लोहार्गल धाम बरखंडी बाबा मंदिर के संत सूरजदास जी महाराज, जो सिंगोद कलां जयपुर के रहने वाले थे, 26 सितंबर की शाम से लापता हैं। 27 सितंबर की सुबह मंदिर पर पहुंचे यात्रियों ने भी बताया था कि महाराज वहां मौजूद नहीं हैं। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर संत की तलाश शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल पर FSL टीम, डॉग स्क्वॉड, साइबर टीम और MOB को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन कर संत की तलाश और अज्ञात आरोपी की पहचान के प्रयास शुरू किए गए। तलाशी अभियान के दौरान संत सूरजदास जी महाराज का शव बरखंडी की पहाड़ियों में गहरी खाई में संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। जगह बेहद दुर्गम और ऊंचाई पर होने के कारण शव को बाहर निकालना आसान नहीं था। पुलिस टीम के साथ SDRF जयपुर और जिला रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या के अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू की। इधर, पुलिस जांच में सामने यह भी आया कि आरोपी सुरेश कुमार इससे पहले 23 सितंबर को भी बरखंडी धाम गया था। उस दौरान उसके साथ दो अन्य लोग भी थे। तीनों 24 सितंबर की सुबह पहाड़ी से नीचे उतरे और किरोड़ी धाम चले गए। इसके बाद 25 सितंबर को सुरेश कुमार दोबारा बरखंडी धाम की पहाड़ी पर पहुंचा। उस समय संत सूरजदास जी महाराज अकेले थे। आरोपी ने रात में वहीं भोजन किया और संत के पास ही रुक गया। अगली सुबह उसने लूट की वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया। लेकिन संत द्वारा बाथरूम से बाहर आ जाने के कारण उन्हें धक्का दिया और पहाड़ी की गहरी खाई में गिरने से संत की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी लूटी गई रकम को लेकर अभी गुमराह कर रहा है। रकम की बरामदगी के लिए पूछताछ और जांच जारी है। वारदात के खुलासे के लिए पुलिस ने तकनीकी और मानवीय दोनों संसाधनों का इस्तेमाल किया। नवलगढ़ डीएसपी सुगन सिंह के नेतृत्व में गोठड़ा थाना प्रभारी प्रेमप्रकाश सहित करीब 30 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच में लगाया गया। जांच टीम में उदयपुरवाटी थाना प्रभारी रामपाल मीणा, नवलगढ़ थाना प्रभारी अजय सिंह, DST टीम के एसआई हेमराज सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने घटनास्थल के तकनीकी साक्ष्य, मानवीय जानकारी और अन्य जांच बिंदुओं को जोड़ते हुए आरोपी की पहचान की और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। आपको बता दें कि संत सूरजदास जी महाराज की मौत के बाद संत समाज और ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और रास्ता जाम किया गया था। पुलिस-प्रशासन के साथ वार्ता के दौरान संतों और ग्रामीणों ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए सात दिन का समय दिया था। पुलिस ने दावा किया कि टीम ने दिन-रात काम करते हुए सात दिन की समय-सीमा पूरी होने से पहले ही पांचवें दिन आरोपी को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। आरोपी सुरेश कुमार से पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस अब लूटी गई रकम की बरामदगी, हत्या की पूरी कड़ी, आरोपी को चढ़ावे की जानकारी मिलने के स्रोत और उसके संभावित आपराधिक रिकॉर्ड पर है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में कोई आपराधिक मामला दर्ज है या वह किसी अन्य प्रकरण में वांछित रहा है। पुलिस के मुताबिक, अभी तक की जांच में वारदात को अकेले अंजाम देने की बात सामने आई है।